Monday, November 2, 2009

Satguru Nanak pargateya, miti dhund jag chaanan hoa

http://www.youtube.com/watch?v=6u874E2tWZU

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अमलतास का गीत

वो अमलतास देखते हो? वो ना  झूम कर  बांहे फैलाये  हवाओं की हथेलियों पर  सूरज की छननी से ढ़ांप कर  एक गीत  भेजता है हर सुबह  मेरी ओर.  पर  वो ग...